मसूरी रेंज वन प्रभाग ने हरेला पर्व पर किया वृक्षारोपण

 

हरेला पर्व उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक त्यौहार है, जो विशेष रूप से कुमाऊँ क्षेत्र में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति, हरियाली और कृषि से जुड़ा हुआ है और वर्षा ऋतु के आगमन तथा नई फसल के स्वागत का प्रतीक है।शिव-पार्वती विवाह से जुड़ी एक मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। उसी की स्मृति में हरेला पर्व मनाया जाता है।

पर्व के दिन पृथ्वी की हरियाली और उपजाऊ शक्ति की पूजा की जाती है। इसे धरती माता की उपासना भी माना जाता है।

और अब यह पर्व समूचे उत्तराखंड में बड़े हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है, वहीं पर्यटन नगरी मसूरी में भी हरेला पर्व पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए , मसूरी वन प्रभाग मसूरी रेंज द्वारा विभिन्न स्कूलों एवं सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक संगठनों द्वारा भी विभिन्न क्षेत्रों में हरेला पर्व के उपलक्ष में कई फलदार एवं पर्यावरण को संतुलित करने वाले पेड़ पौधे लगाए गए एवं उन्हें संरक्षित रखने का और पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया गया।

मसूरी प्रभागिय वनाधिकारी के नेतृत्व में ब्रुकलैंड वन परिसर, रिखोली, सुवाखोली व चामासारी क्षेत्रों में ” हरेला का त्योहार मानाओ, धरती मां का ऋण चूकाओ,, के नारे के साथ ” एक पेड़ मां के नाम,, के स्लोगन के साथ वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया,, इस मौके पर मसूरी वन विभाग रेंज मसूरी के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने विभिन्न स्कूलों के बच्चों के साथ मिलकर हरेला का पर्व मनाया.. इस मौके पर महेंद्र सिंह चौहान (वन क्षेत्राधिकारी ) ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड का पर्व है,,, और हरेला पर्व के दौरान पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण किया जाता है,, आज हम सबको पर्यावरण को बचाने की आवश्यकता है,, और यह हमारा कर्तव्य है,कि हम पर्यावरण की रक्षा करें,और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि हम समय-समय पर वृक्षारोपण का कार्य करें, यदि अपने जीवन में हमारे द्वारा लगाए गए पांच पेड़ भी बड़े होकर पर्यावरण को संतुलित करने का काम करेंगे,तो हमारा जीवन धन्य हो जाएगा……

Mussoorie Tv

संपादक: नीरज सिंह

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